Wednesday, October 2, 2013

रोज सुबह सिर्फ पानी से किया ये उपाय

ऐसा माना जाता है कि सुबह-सुबह महालक्ष्मी पृथ्वी भ्रमण पर निकलती हैं। इस दौरान जिन घरों में साफ-सफाई और पवित्रता का पूरा ध्यान रखा जाता है वहां लक्ष्मी निवास करती हैं।

तांबे के लौटे से मुख्य द्वार पर पानी छिड़कने से घर के आसपास का वातावरण पवित्र हो जाता है। नकारात्मकता नष्ट हो जाती है। पवित्र वातावरण घरों में ही सुख-समृद्धि और धन का वास होता है। ऐसे घर में रहने वाले लोगों को स्वास्थ्य संबंधी लाभ भी प्राप्त होते हैं।

हमारे घर में जो भी महिला सुबह जल्दी उठती हो उसे यह उपाय करना चाहिए। उपाय के लिए स्त्री को सुबह जल्दी उठना है और घर के मुख्य द्वार पर प्रतिदिन तांबे के लौटे से जल छिड़कना है। यह छोटा सा उपाय है लेकिन बहुत कारगर है। जिन घरों में यह उपाय किया जाता है उन्हें महादेवी की कृपा प्राप्त हो जाती है।

शास्त्रों के अनुसार पुण्य बढ़ाने और किस्मत चमकाने का एक उपाय है देवी-देवताओं को जल अर्पित करना। यदि आपके घर के आसपास कोई मंदिर नहीं है या आप मंदिर जा नहीं पाते हैं तो ऐसे में घर के मंदिर में इष्टदेवी-देवताओं की मूर्तियों पर जल अर्पित किया जा सकता है।

देवी-देवताओं पर जल चढ़ाने के साथ ही यदि आप यहां बताया जा रहा 1 लोटे पानी का भी उपाय करेंगे तो आपकी कुंडली के सभी दोषों का निवारण हो जाएगा। भाग्योदय में आ रही बाधाएं दूर हो जाएंगी।

ज्योतिष के अनुसार सभी ग्रहों के अलग-अलग वृक्ष बताए गए हैं। इन वृक्षों की विधि-विधान से पूजा करने पर ग्रहों के दोष दूर होते हैं। यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में कोई ग्रह अशुभ फल देने वाला हो या किसी ग्रह की कुदृष्टि हो या बुरा प्रभाव देने वाले ग्रहों की युति हो या कोई अशुभ योग बन रहा हो तो ऐसी स्थितियों में पेड़ों से संबंधित कई उपाय हैं, जिन्हें अपनाने पर कुछ ही समय में सकारात्मक परिणाम प्राप्त होने लगते हैं।

राशि अनुसार इन पेड़ों को करें एक लोटा जल अर्पित...
मेष एवं वृश्चिक- खैर
वृषभ एवं तुला- गूलर
मिथुन एवं कन्या- अपामार्ग
कर्क- पलाश
सिंह- आक
धनु एवं मीन- पीपल
मकर एवं कुंभ- शमी

इन्हीं पेड़ों की लकडिय़ों से इन राशियों के स्वामी ग्रहों की शांति हेतु हवन किया जाता है।

सभी वृक्षों का अपना अलग महत्व है लेकिन कुछ वृक्ष ऐसे है जिनका शास्त्रों में काफी महत्व बताया गया है। ऐसा माना जाता है कि पीपल में जल अर्पित करने से सभी प्रकार के ग्रह दोष दूर हो जाते हैं और अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। इसके अलावा अन्य वृक्ष जैसे नीम, बरगद, बेलपत्र, अशोक, चंदन, आम आदि की भी पूजा की जाती है या इनके फल, पत्ते, तने को पूजा में शामिल किया जाता है।

पीपल में जल चढ़ाने से शनि की साढ़ेसाती या ढय्या में बहुत जल्द लाभ प्राप्त होता है, कालसर्प दोष का प्रभाव भी कम होता है। जिन लोगों का भाग्य साथ नहीं देता उन्हें पीपल में प्रतिदिन जल चढ़ाकर, सात परिक्रमा करनी चाहिए। इससे कुछ ही दिनों में व्यक्ति को भाग्य का साथ अवश्य मिलने लगेगा।

No comments:

Post a Comment